Wednesday, 24 June 2020

घमंड कर घमंड कर - गोपाल खेताणी





घमंड कर घमंड कर
घमंड कर घमंड कर
तु शत्रु के खुन से
क्रोध को प्रचंड कर॥

हे वीर तु शान है
देश की तु आन है
नायक है आदर्श तु
सब के दिल की जान है
रंग केसरी सजा तु शत्रु को भस्म कर
घमंड कर घमंड कर
घमंड कर घमंड कर॥

देश तेरे साथ है
तेरे नाम पे कुरबान है
सेना की दहाड सुनने
ये दिल अब बैताब है
दुश्मन के रक्त से धरा को तु तृप्त कर
घमंड कर घमंड कर
घमंड कर घमंड कर॥

तीनो सेना हमारी माने
दुश्मनो का काल है
देख ले ओ बौने शत्रु
हमारा क्या भौकाल है?
रण में तांडव मचा महाकाल को प्रसन्न कर
घमंड कर घमंड कर
घमंड कर घमंड कर
तु शत्रु के खुन से
क्रोध को प्रचंड कर॥
जय हिंद – जय हिंद की सेना!

~ गोपाल खेताणी
copyright -  2020

आप ये गीत यु -ट्युब पर भी देख सकते हैं!

https://www.youtube.com/watch?v=LYsHbTZxbqc&

मेरा भारत महान – चन्द्रशेखर सीताराम तिवारी

'दुश्मन की गोलियों का, हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे।'   आज उस महान सेनानी की जन्म जयंती है जिन्होंने महज १...